जिलाधिकारी ने 200 करोड़ रूपये की भीटा भूमि पर कब्जे, निर्माण गतिविधियों को अवैध मानते हुए रोक लगाई और मा0 उच्च न्यायालय को भेजी रिपोर्ट
कन्हैईपुर भीटा कब्जा अपडेट 2026
जौनपुर. थाना लाइन बाजार चांदमारी कन्हैई पुर आराजी नंबर 11 जो आजादी के पहले और बाद की खतौनियों मे भीटा चांदमारी दर्ज है किसी कहीं भी जमींदारी क्षेत्र नही दर्ज है. स्थानीय लोगों ने बताया कि सन 1961 मे राजस्व कर्मियों को अनुचित लाभ के सहारे आराजी 11 को जमींदारी का होना दर्ज कराया गया और कागज की नवइयत ही बदल दी गई. जबकि पहले कहीं जमींदारी क्षेत्र की चर्चा नही है. फिर भूमाफिया ने जमींदारी क्षेत्र को आधार बना कर चला कूट रचना का जाल फैलाया. एक ही अदालत मे एक ही भूमि पर एक साथ दो दो मुक़दमे किये गए. जो गंभीर अपराध की श्रेणी मे आता है. सन 2006 मे sdm कोर्ट मे मुकदमा इसकी मिशाल है. ज़ब एक केश मे हारते थे, भीटा दर्ज होता था तो उसे छिपा कर दूसरा मुकदमा दर्ज करा लेता था.कब्जा करने वाले बीरबल यादव निवासी वाज़िदपुर दक्षिणी ने कूट रचना कारित कागज के सहारे संबंधित लोगों अनुचित लाभ देकर बिना किसी अनुमति के मैरेज हाल, मार्ट आदि बनवा लिया है.अन्य लोगों के साथ एवं धार्मिक स्थल का सैकड़ो साल पुराना रास्ता बंद कर दिया जबकि इस भीटा आराजी पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश था. मोहल्ले के दीप नरायण यादव ने बताया कि बीरबल की कूट रचना कारित कागज का सहयोग लेकर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा स्थगन प्राप्त जमीन पर निर्माण एवं कब्जे की जानकारी मा न्यायालय को को दी गई तो जिला धिकारी को 90 दिन के अंदर जबाब देने के लिए आदेशित किया गया. लेकिन जौनपुर तहसील स्तर के अधिकारियो और कर्मचारियों ने 200 दिन के बाद आधी अधूरी जाँच रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय मे जमा किया. इस दौरान भूमाफिया को पूरी तरह अवैध निर्माण करने की छूट दी गयी. अधूरी. रिपोर्ट मे भीटा भूमि पर फर्जी नाम चढ़ाने वाले राजस्व कर्मियों का नाम छिपा लिया गया ताकि उनकी नौकरी बच जाय. दूसरी तरफ एक साथ एक ही अदालत मे एक ही भूमि पर दो मुकदमा करने वाले भूमाफिया प्रवृत्ति के बीरबल यादव को जेल न जाना पड़े इसलिए sdm कोर्ट मे जमींदारी टैनेंसी एक्ट 2006 मे चलें मुक़दमे मे बीरबल हार गए इस मुकदमे को एक दम से छिपा लिया और रिपोर्ट मे कोई चर्चा नहीं की. इसके बावजूद जिलाधिकारी द्वारा साक्ष्यों का गहराई से अवलोकन कर कूट रचना के पर्याप्त सबूत मिलने पर आधार पर भीटा भूमि पर बने निर्माण मैरेज हाल, मार्टआदि को विवादित मान कर किसी तरह का निर्माण एवं अन्य कार्यवाही करने को रोक लगा दी. इसकी सूचना माननीय उच्च न्यायालय दे दी.