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गोमती के उफान में डूबे जौनपुर के घाट, पानी में समाया गोमतेश्वर महादेव मंदिर

15 फीट के करीब पहुंचा जलस्तर

जौनपुर। जिले में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश का असर अब गोमती नदी के जलस्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। नदी का पानी तेजी से बढ़ने के कारण शहर के प्रमुख घाट जलमग्न हो गए हैं। हनुमान घाट, गोपी घाट समेत लगभग सभी घाटों को गोमती नदी ने अपने आगोश में ले लिया है। वहीं, प्रसिद्ध गोमतेश्वर महादेव मंदिर भी पानी में डूब गया है। घाटों की सीढ़ियां और नदी किनारे के कई हिस्से पूरी तरह पानी में समा जाने से यहां का नजारा बदल गया है।

गोमती नदी का जलस्तर बढ़कर करीब 15 फीट पहुंच गया है।  19.फिट  से अधिक  जलस्तर  पहुंचने.पर नीचे के मोहल्लों  में पानी पहुंचना शुरू कर देता है.  कई वर्षों बाद जलस्तर इतना बढ़ा है. पानी लगातार बढ़ने से घाटों के समीप रहने वाले लोगों में चिंता व्याप्त है. राहत की बात यह है कि फिलहाल गोमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है। इसके बावजूद लगातार बारिश जारी रहने की स्थिति में जलस्तर पर नजर बनाए रखना जरूरी है।

आमतौर पर जिन घाटों पर सुबह-शाम लोगों की चहल-पहल रहती है, वहां अब नदी का पानी दिखाई दे रहा है। गोमतेश्वर महादेव मंदिर के आसपास भी पानी भर जाने से मंदिर का काफी हिस्सा जलमग्न हो गया है। हनुमान घाट और गोपी घाट की सीढ़ियां भी पानी में डूब चुकी हैं। नदी का बढ़ता जलस्तर देखने के लिए लोगों की भीड़ घाटों के आसपास पहुंच रही है।

गोमती का जलस्तर बढ़ने के साथ ही घाटों पर एक अलग तस्वीर भी देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में लोग नदी का बढ़ा हुआ पानी देखने पहुंच रहे हैं। कोई मोबाइल से वीडियो बना रहा है तो कोई रील शूट कर मौसम और नदी के बदले हुए स्वरूप का आनंद ले रहा है। युवाओं में बढ़े जलस्तर के बीच फोटो और वीडियो बनाने का खासा उत्साह दिखाई दे रहा है।

हालांकि नदी का पानी बढ़ने के बीच घाटों पर पहुंचने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। पानी के करीब जाकर सेल्फी या रील बनाना जोखिम भरा हो सकता है। नदी का जलस्तर लगातार बदलने की स्थिति में अचानक तेज बहाव भी खतरा पैदा कर सकता है।

पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में यदि बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहता है तो नदी का पानी और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल नदी खतरे के निशान से दूर है, लेकिन प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से जलस्तर पर नजर बनाए रखना जरूरी है।

शहर के घाटों का जलमग्न होना बारिश की तीव्रता और गोमती नदी में बढ़ते पानी का साफ संकेत है। वहीं, नदी के बढ़ते जलस्तर ने जहां घाटों का स्वरूप बदल दिया है, वहीं बारिश के मौसम में गोमती का यह बदला हुआ रूप लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बना हुआ है।

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